हमारे ट्रस्ट का संकल्प सूची निमनवत है।

०१. भारतीय संस्कृति से युवा पीढ़ी को अवगत करना ओर संस्कारो का सृजन करना।

०२. धर्मज्ञान,एवं उच्चशिक्षण के माध्यम से लोगों की शक्तियों को जनकल्याण के कार्य करने की प्रेरणा देना।

०३. आर्थिक रुप से गरीब बच्चों को ज्ञान एवं शिक्षण से समृद्ध करना व धर्म संस्कार का समाज में विकास करना है।

०४. ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र ब्रह्माजी की चार संतान हैं। इस संसार में सभी हिन्दू के नाम से पहचाने जाते हैं। हमारा उद्देश्य उच्च एवं निम्न जाति जैसे विकारों को मिटाना और प्रेम व भाईचारे को बनाने रखने का उद्देश्य है।

०५. शिक्षण एवं उच्चशिक्षा के माध्यम से संस्कारों का,आने वाली भावी पीढ़ी में सिंचन करना। एक दूसरे के सुख और दुःख का साथी बना कर सनातन धर्म को मज़बूत करना है।

०६. भारतीय इतिहास सदा लोगों के हृदय में जागृत रहे इसके लिए हमने यह कार्यक्रम आयोजित किया है।

०७. ब्राह्मण समाज में आर्थिक रूप से गरीब वर्ग के बालकों के निःशुल्क शिक्षण व आध्यात्मिकता के साथ, उच्चशिक्षा के साथ, राष्ट्रप्रेम के साथ, ब्राह्मण संस्कारो को बढाके जनकल्याण कार्य हम लोग करेंगे।

०८. हिन्दू धर्म के पौराणिक इतिहास को हिंन्दू संस्कृति, प्रेम, सद्द्भाव के साथ ऋषि परंपरा को जीवंत रखने के लिए जनकल्याण के कार्य के लिए उत्साहित करने का कार्य करेंगे।

०९. जीवदया, इस सृष्टि की प्राकृतिक संपदा को ईश्वर की देन, ईश्वर का वरदान मनुष्य के लिए प्रसाद के रुप में हम लोगो को मिला है उनका संरक्षण करने की भावना सभी लोगों में जगायेंगे।

ऊपर बताये गए उद्देश्य हमारा कर्म है। इस कर्म को सर्व जन भागीदारी करने का हमारा ये प्रयास ओर संकल्प रहेगा।

श्री हर्षदभाई गुणवंतराय व्यास
प्रमुखश्री,
श्री ब्रह्मविकास चैरिटेबल ट्रस्ट - जामनगर