कोटि अतिरुद्र महायज्ञ

सनातन धर्म के भक्तों से सार्वजनिक अपील यज्ञ माला का एक मनका बनें और ऊर्जावान बनें पूरे देश के सनातनी भाइयों – महादेव हर

प्राचीन संस्कृति और सनातन धर्म का केंद्रबिंदु ऐसा अपना महान राष्ट्र भारत, एक हजार साल की विधर्मियों के शासन के बाद, अंतिम दस साल में पुनः सनातन धर्म के मार्गदर्शक सिद्धांतों को साथ रखकर प्रगति और विकास का राजमार्ग तैयार कर रहा है। हिंदू शास्त्रों के धर्म ग्रंथों में उल्लेख है कि “धर्म बिना का व्यक्ति सींग-पूंछ बिना के पशु के समान है।” भारतीय हिंदू संस्कृति आदि गगनचुंबी है। जिसके संवर्धन-संरक्षण के लिए ऋषि-मुनियों, संत-महंतों, राजा-महाराजाओं तथा श्रेष्ठजनों ने तन-मन-धन से सनातन संस्कृति का चिंतन किया है।

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समस्त हिन्दू जनकल्याण हेतु आयोजन

  • कोटी अतिरुद्र महायज्ञ
    • दिनांक : १९-०२-२०२६, गुरुवार से दिनांक : २७-०२-२०२६, शुक्रवार
    • समय : सुबह ९:०० से दोपहर १:०० बजे तक और दोपहर ३:०० से शाम ७:०० बजे तक

हम लोग हमारे संतानो को अपने धर्मज्ञान से अज्ञान और ज्ञान से वंचित रखेंगे, तो अधर्मी लोग अधर्म का ज्ञान हमारे संतानो में स्थापित कर देंगे। बाद में हमे पश्चाताप के सिवा और कोई विकल्प रहेगा नहीं। इस बात से सभी माता-पिता को सचेत रहना चाहिए।

श्री हर्षदभाई जी. व्यास
प्रमुखश्री,
श्री ब्रह्मविकास चेरीटेबल ट्रस्ट, जामनगर

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कोटी अतिरुद्र महायज्ञ

दिनांक : १९-०२-२०२६, गुरुवार से दिनांक : २७-०२-२०२६, शुक्रवार
समय : सुबह ९:०० से दोपहर १:०० बजे तक और दोपहर ३:०० से शाम ७:०० बजे तक