संकल्प पत्र फॉर्म

कोटि अतिरुद्र महायज्ञ दिनांक १९-०२-२०२६ से २७-०२-२०२६ तक नौ दिन, नवकुंडी महायज्ञ में निःशुल्क जुड़ने के इच्छुक ब्राह्मणों एवं धर्मप्रेमी हिन्दुओं के लिए।

महायज्ञ कार्यक्रम में अनिवार्य पालन करने योग्य नियम

  • यज्ञशाला में पुरुषों को धोती पहननी होगी। यज्ञशाला में महिलाओं को साड़ी पहनकर ही प्रवेश करना होगा।
  • प्रत्येक दंपति यजमान को पूजन हेतु गणपति जी की मूर्ति, शिवलिंग थळावली तथा अपनी कुलदेवी की मूर्ति साथ लानी होगी।
  • यज्ञस्थल पर जाने के लिए ब्राह्मणों को रेलवे के स्लीपर कोच का किराया दिया जाएगा (जिन ब्राह्मण परिवार की मासिक आय ₹20,000 से कम होगी, केवल उन्हें ही यह लाभ मिलेगा)।
  • किसी भी ज्योतिर्लिंग पर ठहरने के लिए धर्मशाला में सामूहिक व्यवस्था कराई जाएगी।
  • किसी भी ज्योतिर्लिंग पर यदि कोई व्यक्ति अलग कमरा लेकर ठहरेगा, तो उसका किराया स्वयं देना होगा।
  • आने वाले यजमान स्वयं के खर्चे पर आएँगे या ब्राह्मण समाज के खर्चे पर, इसका उत्तर हाँ / ना में फॉर्म में देना अनिवार्य होगा।
  • किसी भी ज्योतिर्लिंग पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं शांत रहना होगा और एक-दूसरे से वाणी व व्यवहार अच्छा रखना होगा।
  • इस कार्यक्रम में आने वाले ब्राह्मणों को नौ दिन यज्ञ में पूर्ण उपस्थिति देनी होगी, केवल उन्हें ही आने-जाने का खर्च दिया जाएगा। (नौ दिन पूर्णकालिक उपस्थिति देनी होगी, केवल उन्हें ही ब्राह्मण समाज द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का लाभ मिलेगा।)
  • प्रत्येक ज्योतिर्लिंग पर केवल 26 दंपतियों का ही समावेश होगा, इसलिए आप किस ज्योतिर्लिंग में शामिल होना चाहते हैं यह बताना होगा। (26 दंपति के साथ-साथ विधुर–विधवा, कन्या एवं एकल यजमान भी शामिल हो सकते हैं।)
  • यदि आपने जिस ज्योतिर्लिंग में आने की इच्छा व्यक्त की है और वहाँ संख्या पूर्ण हो चुकी है, तो उस ज्योतिर्लिंग में आपका समावेश संभव नहीं होगा। यदि किसी अन्य ज्योतिर्लिंग में स्थान उपलब्ध होगा, तो वहाँ आपका समावेश किया जाएगा।
  • इसमें "पहले आओ, पहले पाओ" के आधार पर ही व्यवस्था की जाएगी।
  • आने वाले व्यक्ति (यजमान / कर्मकांडी ब्राह्मण) को आधार कार्ड के आगे और पीछे की फोटोकॉपी तथा पासपोर्ट साइज फोटो चिपकाकर फॉर्म डाक से सबमिट (भेजना) अनिवार्य होगा।